संजलि के न्याय के लिए बनारस में प्रतिरोध मार्च

आगरा की दलित छात्रा संजलि के न्याय के लिए बनारस के तरक्कीपसन्द - अवामपसन्द संगठनों ने बीएचयू गेट लंका से रविदास गेट तक प्रतिरोध मार्च निकालकर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। सभा में संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रदेश में लगातार हो रही हत्याओं और यौन हिंसा की घटनाओं को रोकने असफल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की.


 सभा की अध्यक्षता कर रहे प्रो. चौथीराम यादव ने कहा कि प्रदेश की जनता में भय का माहौल बनाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में कानून के राज की जगह जंगलराज कायम हो रहा है। बीएचयू के प्रो एम.पी. सिंह ने कहा भारतीय संस्कृति में निहित पितृसत्तात्मक, ब्राह्मणवादी महिला विरोधी मूल्यों को खत्म करना होगा। उन्होंने कहा कि 10वीं की दलित छात्रा संजलि को दिन दहाड़े पेट्रोल छिड़ककर जला दिया जाता है और आज तक उनके हत्यारे गिरफ्तार नहीं किये जाते, इससे पता चलता है कि मौजूदा सरकार में अपराधियों के मनोबल बढ़े है और भाजपा सरकार तमाशबीन बनी हुई है। ऐपवा की कुसुम वर्मा ने कहा कि मोदी सरकार बेटी बचाओ -बेटी पढ़ाओ की बात कर रही है लेकिन इनके राज में न तो बेटियां पढ़ पा रही हैं और न ही सुरक्षित जीवन जी पा रही हैं । योगी राज में तो महिलाओं खासकर दलित आदिवासी महिलाओं के ऊपर यौन हिंसा बढ़ती जा रही है जिसे रोकने में हमारे मुख्यमंत्री एकदम नाकाम सिद्ध हो चुके हैं। नारी एकता की सचिव प्रो स्वाति सिंह ने कहा कि संघ भाजपा की सरकार और उसका फासीवादी चरित्र आम जनता के लिए खतरा बनता जा रहा है और इसका सबसे पहला शिकार आधी आबादी पर पड़ रहा है। आल इंडिया सेक्युलर फोरम के प्रो आरिफ ने कहा कि संजलि की न्याय के लड़ाई को इस देश की न्याय पसन्द अवाम को ही लड़ना होगा क्योंकि सरकारें जनता को सुरक्षित माहौल देने में असफल हो चुकी हैं। भगतसिंह आम्बेडकर विचार मंच से एस.पी.रॉय ने कहा कि समाज मे महिलाएं सुरक्षित जीवन जी पाएं इसके लिए आवश्यक है कि पितृसत्तात्मक, ब्राह्नवादी विचार को बढ़ावा देने वाली संघ भाजपा को आगामी लोक सभा चुनाव में परास्त किया जाए।
सभा को समाजवादी जन परिषद के अफलातून देसाई, Sc/St/Mt OBC सँघर्ष समिति से मारुति मानव, आइसा से विवेक सिंह, भगतसिंह छात्र मोर्चा से नीतेश, जॉइंट एक्शन कमेटी से दीपक, इंकलाबी नौजवान सभा से कमलेश यादव, लेखक वी.के. सिंह, ऐपवा से स्मिता बागड़े, विभा, विभा वाही, अर्चना, डॉ नीता चौबे, सामाजिक कार्यकर्ता आबिद शेख़, प्रवाल सिंह, पत्रकार अजय एवम जलेश्वर उपाध्याय ने भी सभा को संबोधित किया।

सभा का संचालन कुसुम वर्मा ने किया।

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