Posts

Message from Women’s Movement to Farmers

 Today women and men in the farmers’ struggle are standing shoulder to shoulder at the Delhi borders. This movement is a symbol in the history of India—a symbol of freedom, of voices, of ideas, of protests, of slogans, of resolutions. This is not just a farmers’ struggle; it is a joint campaign of all of us, of children, women and men. Each morsel that we eat is proof of your hard work. The manner in which you are all standing fearlessly against the three draconian anti-farm laws in the face of the government’s repressive policies, terrorizing attacks and the cruelty of those holding power is beyond comparison.  You have shown that the government cannot inflict policies and laws on farmers through force, water cannons and lathis. Indeed, it is the fundamental right of every citizen to oppose any policy that does not have the participation of women and men farmers.  Your struggle has filled the workers, farmers and common people of the country with a surge of hope. We stand with you in

Freedom from Debt Day observed across Country

Image
Lakhs of women across the country responded to AIPWA's call for Freedom from Debt Day on 13 August 2020 and came out on the streets with their demands which are as follows:  Freedom from Debt Day 13 August 2020 1. Waive group loans of all women in Self Help Groups. 2. Waive all Lockdown period installments of individual loans up to Rs 1 lakh, whether they are loans taken from government, micro-finance companies or private banks. 3. Stay debt collection on all small loans till 31 March 2021. 4. Ensure employment for women in Self Help Groups and procurement of their products. 5. Make loans up to Rs 1 lakh interest-free. 6. Make education loans interest-free. 7. Form a State level Regulatory Authority for group loans. 8. Interest rate for loans for self-employment up to Rs 10 lakhs should be 0-4%. 9. All small loans for which interest has been paid equal to or more than the loan amount should be closed. Lakhs of women across the country protested for the above demands wearing masks,

उप्र के बांदा जनपद के करछा गांव में युवक युवती की बर्बर हत्या के खिलाफ ज्ञापन

उत्तर प्रदेश में महिला संगठनों ने बंदा जनपद के करछा गाँव में युवक- युवती की हत्या के खिलाफ राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा:  उत्तर प्रदेश के महिला संगठनों के प्रतिनिधि बांदा के गांव में युवक और युवती की नृशंस हत्या से बहुत विचलित हैं। हम कहना चाहते हैं कि बांदा में युवक और नाबालिग युवती को यातना देकर दिनदहाड़े जलाए जाने की अमानुषिक घटना सभ्य समाज के लिए कलंक है और पितृसत्ता की बर्बरता का घृणित नमूना है। इसने भाजपा राज में क़ानून व्यवस्था की कलई खोल कर रख दिया है, जाहिर है कानून के राज का खौफ खत्म हो गया है । मीडिया में छपी खबरों के अनुसार इस स्वजातीय युवक-युवती के बीच प्रेम-संबंध था और वे शादी करने वाले थे, लेकिन जहरीले पितृसत्तात्मक विचारों के शिकार परिवारीजनों को यह नितांत स्वाभाविक मानवीय सम्बन्ध भी स्वीकार नहीं हुआ और उन्होंने इनकी नृशंसतापूर्वक हत्या कर दिया। हमारे समाज में पहले से मौजूद पितृसत्तात्मक वर्चस्व को हाल के वर्षों में RSS की महिला विरोधी, विचारधारा ने महिमामंडित करके पूरे वातावरण को और भी विषाक्त बना दिया है तथा ऐसा अपराध करने वालों को नैतिक बल, वैधता और तर्क मुहैया कराया है। 

आधी जमीन (जुलाई - अगस्त 2020)

स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने देश भर में दिया धरना! कर्ज माफी, और रोज़गार की मांग उठाई !!

Image
29 मई को ऐपवा के आह्वान पर देश भर में स्वयं सहायता समूह (सेल्फ हेल्प ग्रुप) की महिलाओं ने गांव-मोहल्लों में धरना दिया, और महामारी और लॉक डाउन के चलते आपदा की स्थिति में कर्ज माफ़ी और अन्य मांगों को उठाया. बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, असम, कार्बी आंग्लांग, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, ओडिशा, उत्तराखंड, पंजाब, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटका, सहित अन्य राज्यों के सैंकड़ों गांवों और मोहल्लों में ऐसे धरने आयोजित हुए. धरने की मुख्य मांगें थीं - 1.स्वयं सहायता समूह में शामिल महिलाओं का कर्ज माफ करो! 2.माइक्रो फायनांस कम्पनियों द्वारा दिए गए कर्जों का भुगतान सरकार को करना होगा! 3. हर समूह को उसकी क्षमता के अनुसार या कलस्टर बनाकर रोजगार का साधन उपलब्ध कराओ! 4. एस०एच०जी०(स्वयं सहायता समूह - सेल्फ हेल्प ग्रुप) के उत्पादों की खरीद सुनिश्चित करो! 5. स्वयं सहायता समूह को ब्याज रहित ऋण दो! 6. जीविका कार्यकर्ताओं को न्यूनतम 15 हजार रुपए मासिक मानदेय दो! यह धरना गांव - मुहल्ले में शारीरिक दूरी का पालन करते हुए आयोजित किया गया. धरने का नेतृत्व कर रही ऐपवा राष्ट्रीय महासचिव मी

देश भर में महिलाओं ने उठाया सफूरा ज़रग़र के बारे में अभद्र टिप्पणी और दुष्प्रचार करने वाले भाजपा नेता कपिल मिश्रा पर कार्रवाई की मांग

Image
राष्ट्रीय महिला आयोग और प्रधान मंत्री से मांगा जवाब 7 मई को देश भर में  महिला संगठन सफूरा जरग़र के साथ एकजुटता  दिखाई. सफूरा जरग़र नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ चले आंदोलन में सक्रिय रही है. लॉकडाउन के दौर में सफूरा को दिल्ली में दंगा भड़काने का झूठा आरोप लगाकर गिरफ्तार कर लिया गया है. गिरफ्तारी के समय सफूरा 3 महीने की गर्भवती थी.इसी आधार पर लोगों ने जब सफूरा को रिहा करने की मांग उठाई तो भाजपा नेता कपिल मिश्रा (जो खुद दिल्ली दंगों को भड़काने वाला भाषण देने के आरोपी हैं) ने सफूरा पर भद्दी, अश्लील यौन उत्पीड़न वाली टिप्पणी की. और भाजपा आईटी सेल ने सोशल मीडिया पर सफूरा का चरित्र हनन चलाया, उसके गर्भावस्था और विवाह के बारे में अश्लील दुष्प्रचार चलाया। इस दुष्प्रचार में "We Support Narendra Modi" वाला Facebook पेज की भूमिका को देख, इसे संघ और भाजपा का "ब्वॉइस लॉकर रूम" कहा जा रहा है.  देश के प्रधानमंत्री और महिला आयोग इस पूरे मामले में कपिल मिश्रा की भूमिका पर चुप्पी साधे हुए हैं. इसलिए महिला संगठनों ने प्रधान मंत्री मोदी और राष्ट्रीय महिला आयोग की अध

Radhika Vemula, Fatima Nafis, journalists, artists and actors join AIPWA call for one-day fast against hate and hunger

Image
Thousands of women across India today responded to the call by All India Progressive Women's Association (AIPWA) for a one-day fast against hate and hunger on 23rd April.  AIPWA National President Rati Rao, General Secretary Meena Tiwari, Secretary Kavita Krishnan, and AIPWA presidents and secretaries of all States led the way by observing the fast in their own homes, holding placards and posters against the hate, untouchability and violence being unleashed in the name of Covid-19, and calling for women's rights and the rights of the poor and marginalised to be safeguarded during the lockdown.  Ambedkarite activist Radhika Vemula, as well as JNU student Najeeb Ahmad's mother Fatima Nafees also responded to the call, tweeting out photos of themselves holding placards calling for love and unity against hate and untouchability. In Patna, Prof Bharti S Kumar, historian and AIPWA VP and advocate Alka Varma, journalist Swarnkanta, artist Vinita Varma, and actor Priyan