आशा का तीसरा बिहार राज्य सम्मेलन सम्पन्न

★आशा सहित सभी स्कीम वर्करों को आधुनिक गुलाम बनाने वाली मोदी नीतीश सरकार को चुनाव में धूल चटाने, 8-9 जनवरी को देशव्यापी दो दिवसीय आम हड़ताल को सफल बनाने के आह्वान के साथ आशा संघ का तीसरा राज्य सम्मेलन संपन्न.
★आशा को सरकारी कर्मी का दर्जा देने, 18000 मानदेय लागू करने की मांग पर 1 दिसंबर से अनिश्चितकालीन राज्यव्यापी हड़ताल से मोदी-नीतीश के खिलाफ होगी आर पार की लड़ाई.
★ आशा कार्यकर्ता संघ के तीसरे राज्य सम्मेलन से शशि यादव अध्यक्ष, विद्यावती पांडे महासचिव चुनी गयी, 15 सदस्यीय पदाधिकारी में पांच उपाध्यक्ष, 5 सचिव, अनीता देवी कोषाध्यक्ष चुनी गयी ।

आशा को सरकारी सेवक का दर्जा दो, 18000 मानदेय लागू करो के नारा पर महासंघ गोप गुट व ऐक्टू से संबद्ध बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ का आहूत तीसरा राज्य सम्मेलन आशा सहित सभी स्कीम वर्करों को आधुनिक गुलाम बनाने वाली मोदी- नीतीश सरकार को आगामी चुनाव में धूल चटाने , 1 दिसंबर से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल से मोदी- नीतीश के खिलाफ आर-पार की लड़ाई शुरू करने तथा 8 -9 जनवरी 19 को देशव्यापी दो दिवसीय आम हड़ताल को सफल बनाने के आह्वान के साथ आज यहां पटना के स्थानीय छज्जूबाग में संपन्न हो गया।
संपन्न हुए सम्मेलन से अगले 2 वर्ष के लिए सर्वसम्मति से 15 सदस्यीय पदाधिकारी में शशि यादव अध्यक्ष, विद्यावती पांडे महासचिव, अनीता देवी कोषाध्यक्ष चुनी गई , इसके साथ ही रामबली प्रसाद संघ के संरक्षक व सुरेश चंद्र सिंह सम्मानित अध्यक्ष चुने गए ।

इसके अलावा पांच उपाध्यक्ष श्यामा कर्ण, सुनीता, सीता पाल, सुनीता(मुंगेर), उषा सिंह तथा चुने गए पांच सचिवों में शव्या पांडे, ललिता देवी, अंजना देवी, सुषमा देवी, गीता देवी का नाम उल्लेखनीय है।
सम्मेलन का उद्घाटन महासंघ गोप गुट के सम्मानित अध्यक्ष रामबली प्रसाद ने किया। सम्मेलन को ऐपवा राष्ट्रीय महासचिव मीना तिवारी, विद्यालय रसोईया संघ अध्यक्ष सरोज चौबे, ऐक्टू राष्ट्रीय सचिव रणविजय कुमार, एड्स कंट्रोल कर्मचारी संघ महासचिव दयाशंकर प्रसाद, महासंघ गोप गुट महासचिव प्रेमचंद कुमार सिन्हा, चिकित्सा संघ महामंत्री चंद्रभूषण चौधरी, ऐक्टू नेता मुर्तज़ा अली आदि नेताओं ने मुख्य रूप से संबोधित किया।
सम्मेलन में उपस्थित आशा कर्मियों को संबोधित करते हुए उक्त नेताओं ने मोदी - नीतीश सरकार पर जमकर हमला किया। नेताओं ने मोदी पर देश को तबाह बर्बाद करने वाली सरकार बताया तथा अडानी- अंबानी जैसों के हाथों देश की अर्थव्यवस्था व पूंजी को हवाले करने का आरोप लगाया। नेताओं ने कहा कि महिला सशक्तिकरण व बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली मोदी सरकार के पास मेहनतकश महिला समुदायों के हितों पर सोचने की भी फुर्सत नहीं है और आए दिन इस सरकार के मंत्री से लेकर भाजपा नेता महिलाओं को बलात्कार की धमकी देते हैं, नेताओं ने कहा की स्कीम वर्करों की संगठित सम्मलित ताकत मोदी - नीतीश सरकार के ताबूत में आखिरी कील ठोकेगा। सम्मेलन में राज्य भर से आये 300 से अधिक आशा कर्मी प्रतिनिधियों ने भाग लिया ।
सम्मेलन का संचालन सुरेश चंद्र सिंह, शशि यादव, विद्यावती पांडेय, सीता और गीता देवी की पांच सदस्यीय अध्यक्ष मंडल ने किया।

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